39 वीक प्रेगनेंसी इन हिंदी?HealthPlanet

Posted on Wed 18th Sep 2019 : 20:43

Pregnancy 39th week में कमर दर्द करेगा परेशान

ड्यू डेट को लेकर मत होइए परेशान। शोध बताते हैं कि केवल 5 प्रतिशत बच्‍चे ही ड्यू डेट या तय की गई तारीख को पैदा होते हैं। असल में हर महिला की प्रेग्‍नेंसी अलग होती है। देखिए 39 week Pregnancy symptoms क्‍या हैं:

Pregnancy 39th week
अब जल्‍द ही आपकी गर्भावस्‍था के नाै महीने खत्‍म होने वाले हैं और अपने शिशु को गोद में उठाने का इंतजार कुछ ही दिनों में खत्‍म हो जाएगा। बेबी बंप बढ़ने की वजह से आपको इस समय कई तरह की दिक्‍कतें हो सकती हैं। बड़े पेट के कारण सोने के लिए किसी भी पोजीशन में कंफर्टेबल फील नहीं कर पाएंगीं।
इस‍लिए किसी भी तरह की स्‍ट्रेस मत लीजिए। शोध बताते हैं कि केवल 5 प्रतिशत बच्‍चे ही ड्यू डेट या तय की गई तारीख को पैदा होते हैं। असल में हर महिला की प्रेगनेंसी अलग होती है। कभी-कभी तो डॉक्‍टर बच्‍चे के जन्‍म या लेबर पेन के लिए ड्यू डेट के बाद भी 10 से 14 दिनों तक का इंतजार करते हैं।



बच्‍चे का विकास
इस समय आपके बच्‍चे का आकार सिर से पैर तक करीब 20.5 इंच के आसपास और उसका वजन इस समय लगभग 3.2 किलो के आसपास होगा। वैसे अगर बच्‍चे का जन्‍म के समय वज़न 2.5 किलो से 3.8 किलो के बीच भी है तो यह सामान्‍य माना जाता है।
इस समय तक आपके बच्‍चे की त्‍वचा का रंग सफेद होने लगा है। उसका ब्रेन भी तेजी से विकास कर रहा है। चार हफ्तों पहले की तुलना में उसका आकार 30 प्रतिशत बड़ा हुआ है। अधिकांश बच्‍चों में अभी भी आंसू की ग्रंथियां नहीं बनी होती हैं इसलिए जब जन्‍म के बाद वे रोते हैं तो उनसे आंसू नहीं निकलते।
मां और बच्‍चे के लिए खतरनाक हैं प्रेगनेंसी में मिलने वाले ये संकेत

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वैसे तो प्रेगनेंसी के दौरान पेट में हल्‍की ऐंठन होना आम बात है लेकिन अगर तेज कॉन्‍ट्रैक्‍शन यानी संकुचन महसूस हो रहा है तो यह गंभीर समस्‍या हो सकती है। डिलीवरी डेट से काफी समय पहले बार बार या दर्दभरी कॉन्‍ट्रैक्‍शन होना प्रीमैच्‍योर लेबर का संकेत हो सकता है।

इस बारे में तुरंत डॉक्‍टर को बताएं। डिलीवरी से कुछ दिनों पहले ही फॉल्‍स लेबर पेन भी होने लगता है जिसे महिलाएं समझ नहीं पाती हैं। अगर ये कॉन्‍ट्रैक्‍शन बहुत ज्‍यादा हो रही है तो इसे नजरअंदाज करना मां और बच्‍चे दोनों के लिए सही नहीं है।



कुछ महिलाओं को गर्भावस्‍था के शुरुआती दिनों ब्‍लीडिंग की शिकायत होती है जोकि नॉर्मल बात है। इसे इंप्‍लांटेशन ब्‍लीडिंग भी कहा जाता है। अगर प्रेगनेंट महिला को खासतौर पर प्रेगनेंसी के आखिरी दिनों में बहुत ज्‍यादा ब्‍लीडिंग हो रही है तो इसे हल्‍के में न लें।

जिन महिलाओं में प्‍लेसेंटा गलत जगह पर होता है, उनमें इस तरह की ब्‍लीडिंग का खतरा अधिक होता है। ये मां और बच्‍चे दोनों के लिए खतरनाक होता है।
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गर्भावस्‍था के समय में वैजाइनल डिस्‍चार्ज होना सामान्‍य बात है लेकिन पतला फ्लूइड निकलना खतरनाक हो सकता है। आमतौर पर यह पानी की थैली फटने का संकेत हो सकता है और ऐसा डिलीवरी डेट से कुछ दिन पहले होता है। ऐसी स्थिति में प्रेगनेंसी पर गंभीर खतरा मंडरा सकता है।

गर्भ में शिशु के आसपास एमनिओटिक फ्लूइड होता है तो शिशु को सुरक्षा प्रदान करता है। इसी एमनिओटिक फ्लूइड को पानी की थैली कहा जाता है। शिशु के विकास के लिए यह बहुत जरूरी होता है। यदि समय से पहले पानी की थैली फट जाए तो कोई गंभीर जटिलता पैदा हो सकती है।



प्रेगनेंसी के आखिरी दो महीनों में चक्‍कर आने और आंखों से धुंधला दिखाई दे सकता है। अगर आपको फोकस करने में दिक्‍कत आ रही है या धुंधला दिखाई दे रहा है तो तुरंत डॉक्‍टर को बताएं। डायबिटीज से ग्रस्‍त प्रेगनेंट महिलाओं के लिए खासतौर पर दिक्‍कत हो सकती है।



प्रेगनेंसी के दिनों में हाथ पैरों या अन्‍य अंगों में सूजन होना आम बात है लेकिन अगर सूजन वाली जगह पर दर्द हो या उस पर लालिमा और रैशेज आ जाए तो यह चिंता की बात हो सकती है।

खून का थक्‍का जमने के कारण ऐसा हो सकता है इसलिए अपनी स्किन पर बारीकी से नजर रखें। हाथ या पैर में दर्दभरी सूजन आए तो तुरंत डॉक्‍टर को बताएं।

इस खबर को अंग्रेजी में पढ़ने के लिए यहां क्‍लिक करें


प्रेगनेंसी के 39वें सप्‍ताह के लक्षण
इस समय आपको कमर दर्द बहुत परेशान कर रहा होगा। बच्‍चे के जरा से भी मूवमेंट से भी आपको पेट के निचले हिस्‍से में दर्द हो रहा होगा। फिर भी आपको इन लक्षणों पर ध्‍यान रखना है:

नकली लेबर पेन : इसे डॉक्‍टरी भाषा में Braxton Hicks Contractions भी कहते हैं। इनके होने का मतलब है कि आपका शरीर डिलीवरी की रिहर्सल कर रहा है। इस दौरान आपके गर्भाशय के ऊपरी हिस्‍से से संकुचन शुरू होकर नीचे की ओर बढ़ते हैं। ये 15 से 30 सेकंड तक रहते हैं कभी-कभी इससे ज्‍यादा भी
ऐसी स्थिति में आपको अपनी पोजीशन बदल लेनी चाहिए। मतलब अगर बैठी हैं तो खड़ी हो जाइए या कुछ कदम चलने लगिए। ये रुक जाएंगे। अगर ये न रुकें और समय के साथ बढ़ते जाएं तो समझ लीजिए आपके लेबर पेन की शुरूआत हो चुकी है। डॉक्‍टर से संपर्क कीजिए।
वजाइनल डिस्‍चार्ज : इस समय वजाइना से गाढ़ा पदार्थ निकलता है। यह आपको इन्‍फेक्‍शन से बचाने के लिए है। लेकिन अगर इसकी जगह पानी जैसा तरल निकलने लगे तो समझ जाइए कि डिलीवरी की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
ऐसी स्थिति में बिना घबराए कोई सूती चादर या तौलिया इस तरह अपने पैरों के बीच लगा लीजिए कि पानी तेजी से न निकले और डॉक्‍टर के पास जल्‍द से जल्‍द पहुंचने की कोशिश करें।
इस समय बच्‍चे के मूवमेंट पर ध्‍यान देना जरूरी है। दो घंटों में कम से कम वह दस बार मूवमेंट करे तो चीजें सामान्‍य हैं। अगर इससे बहुत कम या बहुत ज्‍यादा मूवमेंट होता है तो फौरन डॉक्‍टर से संपर्क करने की जरूरत है।
अन्‍य लक्षण : इसके अलावा आपको इस सप्‍ताह में सीने जलन और मतली हो सकती है। कमर दर्द, प्‍यूबिक हिस्‍से में दर्द, अनिद्रा, एंग्‍जायटी, थकान और भूख में कमी भी महसूस हो सकती है।

मां और बच्‍चे के लिए खतरनाक हैं प्रेगनेंसी में मिलने वाले ये संकेत

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वैसे तो प्रेगनेंसी के दौरान पेट में हल्‍की ऐंठन होना आम बात है लेकिन अगर तेज कॉन्‍ट्रैक्‍शन यानी संकुचन महसूस हो रहा है तो यह गंभीर समस्‍या हो सकती है। डिलीवरी डेट से काफी समय पहले बार बार या दर्दभरी कॉन्‍ट्रैक्‍शन होना प्रीमैच्‍योर लेबर का संकेत हो सकता है।

इस बारे में तुरंत डॉक्‍टर को बताएं। डिलीवरी से कुछ दिनों पहले ही फॉल्‍स लेबर पेन भी होने लगता है जिसे महिलाएं समझ नहीं पाती हैं। अगर ये कॉन्‍ट्रैक्‍शन बहुत ज्‍यादा हो रही है तो इसे नजरअंदाज करना मां और बच्‍चे दोनों के लिए सही नहीं है।


कुछ महिलाओं को गर्भावस्‍था के शुरुआती दिनों ब्‍लीडिंग की शिकायत होती है जोकि नॉर्मल बात है। इसे इंप्‍लांटेशन ब्‍लीडिंग भी कहा जाता है। अगर प्रेगनेंट महिला को खासतौर पर प्रेगनेंसी के आखिरी दिनों में बहुत ज्‍यादा ब्‍लीडिंग हो रही है तो इसे हल्‍के में न लें।

जिन महिलाओं में प्‍लेसेंटा गलत जगह पर होता है, उनमें इस तरह की ब्‍लीडिंग का खतरा अधिक होता है। ये मां और बच्‍चे दोनों के लिए खतरनाक होता है।
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गर्भावस्‍था के समय में वैजाइनल डिस्‍चार्ज होना सामान्‍य बात है लेकिन पतला फ्लूइड निकलना खतरनाक हो सकता है। आमतौर पर यह पानी की थैली फटने का संकेत हो सकता है और ऐसा डिलीवरी डेट से कुछ दिन पहले होता है। ऐसी स्थिति में प्रेगनेंसी पर गंभीर खतरा मंडरा सकता है।

गर्भ में शिशु के आसपास एमनिओटिक फ्लूइड होता है तो शिशु को सुरक्षा प्रदान करता है। इसी एमनिओटिक फ्लूइड को पानी की थैली कहा जाता है। शिशु के विकास के लिए यह बहुत जरूरी होता है। यदि समय से पहले पानी की थैली फट जाए तो कोई गंभीर जटिलता पैदा हो सकती है।



प्रेगनेंसी के आखिरी दो महीनों में चक्‍कर आने और आंखों से धुंधला दिखाई दे सकता है। अगर आपको फोकस करने में दिक्‍कत आ रही है या धुंधला दिखाई दे रहा है तो तुरंत डॉक्‍टर को बताएं। डायबिटीज से ग्रस्‍त प्रेगनेंट महिलाओं के लिए खासतौर पर दिक्‍कत हो सकती है।



प्रेगनेंसी के दिनों में हाथ पैरों या अन्‍य अंगों में सूजन होना आम बात है लेकिन अगर सूजन वाली जगह पर दर्द हो या उस पर लालिमा और रैशेज आ जाए तो यह चिंता की बात हो सकती है।

खून का थक्‍का जमने के कारण ऐसा हो सकता है इसलिए अपनी स्किन पर बारीकी से नजर रखें। हाथ या पैर में दर्दभरी सूजन आए तो तुरंत डॉक्‍टर को बताएं।

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प्रेगनेंट महिलाएं क्‍या करें

इस समय आपको बहुत थकान महसूस होने वाली है इसलिए जब भी मौका मिले झपकी लें। पूरी नींद लें और कम से कम सात से आठ घंटे की नींद जरूर लें। आपको भी दिन में पांच बार कम मात्रा में खाना है। मसालेदार खाना न खाएं वरना मतली और सीने में जलन हो सकती है। खूब पानी पिएं वरना डिहाइड्रेशन की वजह से लो एनर्जी, सिर चकराने की दिक्‍कत हो सकती है। तनाव से दूर रहें, इसके लिए आप एरोमाथेरेपी, योग, डार्क चॉकलेट आदि की मदद ले सकती हैं।

solved 5
wordpress 6 years ago 5 Answer
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